बूढ़ेनाथ.कॉम

श्री बूढ़ेनाथ विजयतेतराम

?सुप्रभातम?

*?सुप्रभातम?* *सोना सज्जन साधुजन, टूटि जुड़े सौ बार।* *दुर्जन कुम्भ कुम्हार के, एके धके दरार।।* ;- कबीर जी कहते हैं […]