गुरु और भगवान एक ही हैं
स्वामी विवेकानंद एक बार एक रेलवे स्टेशन पर बैठे थे उनका अयाचक (ऐसा व्रत जिसमें किसी से मांग कर भोजन […]
श्री बूढ़ेनाथ विजयतेतराम
श्री बूढ़ेनाथ विजयतेतराम
स्वामी विवेकानंद एक बार एक रेलवे स्टेशन पर बैठे थे उनका अयाचक (ऐसा व्रत जिसमें किसी से मांग कर भोजन […]
*?सुप्रभातम?* *सोना सज्जन साधुजन, टूटि जुड़े सौ बार।* *दुर्जन कुम्भ कुम्हार के, एके धके दरार।।* ;- कबीर जी कहते हैं […]